SACRED GAMES 2: 'सेक्रेड गेम्स' की वीभत्स होती दुनिया बचाने लायक है या नहीं?
'अह म् ब्र ह्मास्मि . मैं ब्रह्म की धूल हूं. मैं सबसे प्रेम करता हूं. मैं किसी से प्रेम नहीं करता. मैं अघोरी हूं. मैं मुर्दा खाकर जीवित रह सकता हूं. मैंने बार-बार अपने पिता, अपने पुत्र, पत्नी और मां का वध किया है. मैं क लयुग का पुत्र कली हूं. दानव का पुत्र, अधर्म का पिता. मैं कल्कि भी हूं. मैं परम हूं. मैं अणु हूं. मैं वीभ त्स हूं. मैं भीषण हूं. मैं ब्रह्म हूं. सिर्फ़ मैं ही ब्रह्म हूं.' अप नी स्मृति को खंगालकर बताइए कि बीते दिनों आपने सबसे वीभत्स क्या देखा था? मॉब लिंचिंग का कोई वायरल वीडियो . बलात्कार की विस्तृत जानकारी देती कोई ख़बर. नंगी पीठों को छीलती हुई कोई ताकतवर बेल्ट. गटर में उतरता कोई आदमी. तीन साल की बच्ची का 'धर्म की वजह से' रेप. किसी समंदर तट पर औंधे मुंह पड़ा कोई नन्हा शव या नदी में मां का डुबाकर मारा कोई बच्चा. किसी पेलेट गन का शिकार हुई हरे रंग की कोई आंख या फ़ौजी पिता की चिता के सामने रोती बिटिया. इन सब या इससे इतर किसी भी वीभत्स चीज़ को देखक र आपने ख़ुद से क्या सवाल किया- ये दुनिया को क्या हो गया है? या 'ये दुनिया कल ख़त्म होनी है...